Advertisement

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोनों की घुसपैठ

dainik khabar

रविवार की शाम जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोनों की आवाजाही देखी गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। भारतीय क्षेत्र में इन उड़ने वाली वस्तुओं के प्रवेश ने तत्काल सैन्य कार्रवाई को जन्म दिया, जिसमें घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए भारी मशीनगनों का इस्तेमाल किया गया।

ये घटनाएं भारत के सीमा प्रबंधन के लिए एक निरंतर चुनौती को दर्शाती हैं, क्योंकि शत्रु ताकतें भारतीय क्षेत्र में हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) का सहारा ले रही हैं।

रविवार रात की घटनाएं: विस्तृत विवरण

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, रविवार, 11 जनवरी 2026 की शाम 6:25 से 7:15 बजे के बीच कम से कम पांच संदिग्ध ड्रोनों ने पाकिस्तानी ओर से भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया।

  • राजौरी (नौशेरा सेक्टर): सबसे कड़ी प्रतिक्रिया नौशेरा सेक्टर में देखी गई। शाम करीब 6:35 बजे, गनिया-कलसियां गांव के ऊपर एक ड्रोन मंडराता देखा गया। सतर्क सेना के जवानों ने मध्यम और हल्की मशीनगनों से फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया।

  • सांबा (रामगढ़ सेक्टर): अंतरराष्ट्रीय सीमा पर, शाम 7:15 बजे रामगढ़ सेक्टर के चक बबरल गांव में एक ड्रोन जैसा उपकरण कई मिनटों तक मंडराता देखा गया।

  • पुंछ (मानकोट सेक्टर): शाम लगभग 6:25 बजे मानकोट सेक्टर में भी इसी तरह की उड़ने वाली वस्तु देखी गई।

हथियारों की खेप और गणतंत्र दिवस की सुरक्षा

इन ड्रोनों का दिखना विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि दो दिन पहले ही सांबा के घगवाल इलाके में सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन द्वारा गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की थी। इसमें दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड गोला-बारूद और एक हैंड ग्रेनेड शामिल था। अधिकारियों का मानना है कि 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में खलल डालने के उद्देश्य से ये हथियार भेजे गए थे।

सुरक्षा ग्रिड और “ऑपरेशन सिंदूर”

वर्ष 2025 में भारत की पश्चिमी सीमा पर कुल 791 ड्रोन घुसपैठ दर्ज की गई थीं। 2025 में ही भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसने पाकिस्तानी ड्रोन इकोसिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, ताजा घटनाएं बताती हैं कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिशें फिर से तेज हो गई हैं।

वर्तमान में, जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल (SOG) और सेना द्वारा राजौरी-पुंछ बेल्ट में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल जंगलों और नदी-नालों की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रविवार रात की उड़ानों के दौरान कोई गुप्त ‘ड्रॉप’ न किया गया हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.