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सात जिलों में आज मॉक ड्रिल, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से निगरानी कर रहे अधिकारी

उत्तराखंड के सात जिलों में आज मॉक ड्रिल हो रही है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन मॉक ड्रिल करा रहा है।

संभावित आपदाओं से निपटने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के निर्देश पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक की। तैयारियों को परखने के लिए आज मॉक ड्रिल की जा रही है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि मॉक डि्रल के लिए जिले को नौ जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जीआईएस मैपिंग और संसाधनों का सटीक आकलन आपदा के समय त्वरित कार्रवाई में सहायक होगा। इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के तहत सेक्टर स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। प्रशासन ने जीरो लॉस ऑफ लाइफ का लक्ष्य तय करते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

एसडीएम ने अधिकारियों की बैठक में की तैयारियों की समीक्षा

कीर्तिनगर में उप जिलाधिकारी मंजू राजपूत ने विकासखंड के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में उप जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने में अब कम समय शेष है, ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि टिहरी गढ़वाल जनपद चारधाम यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां व्यवस्थाओं का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को सड़कों के गड्ढे शीघ्र भरने, जल संस्थान एवं पेयजल निगम को यात्रा मार्ग पर पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक तैयारियों को परखने के लिए आज को मलेथा मुख्य चौराहे से नया पुल होते हुए कीर्तिनगर तक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस अभ्यास में सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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