सीएम धामी की घोषणा, महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए बनेगा राज्य स्तरीय मार्केटिंग सेंटर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोला जाएगा। इस केंद्र के लिए आईटी पार्क के समीप तेरह गांव में जगह चिह्नित की गई है। प्रदेश में अब तक आठ हजार से अधिक महिलाओं को उद्यमिता व आजीविका से जोड़ा गया।

सीएम कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शुक्रवार को मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत चौपाल कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा, योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से विभिन्न तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोला जाएगा।
उन्होंने कहा, गांव भी प्रदेश के विकास में सहभागी बनने के साथ सामर्थ्य और परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश के उत्साही युवाओं, साहसी मातृशक्ति में कुछ कर गुजरने की इच्छा और हुनर है, इसी तरह प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। जरूरत केवल इस बात कि है कि हुनर को सही दिशा मिले। इसी सोच के साथ सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को आगे बढ़ाने का काम किया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने।
प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वहीं, तीन लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला तक को व्यवसाय का रूप दे रही हैं।

राज्य उत्पादों में महसूस होनी चाहिए पहाड़ की मेहनत
सीएम धामी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत जैसे मंत्र दिए हैं। प्रदेश सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है। सरकार चाहती है कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखंड का उत्पाद खरीदे, तो उसे उत्पाद में पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस हो। सरकार की ओर से प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। जिससे किसान व उद्यमी को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिल सके।

प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मुख्यमंत्री ने योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को भी सम्मानित किया। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक व वार्षिक रिपोर्ट का भी विमोचन किया। एकीकृत कृषि कलस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल और शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल के साथ ही महिलाओं एचं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन मॉडयूल का भी लोकार्पण किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.