बिजली संकट और बढ़ा, मैदानी जिलों में चार घंटे तक कटौती, रोजाना करीब 10 लाख यूनिट बढ़ रही मांग

प्रदेश में बिजली संकट और बढ़ गया है। बुधवार को बिजली की मांग इस माह के रिकॉर्ड 4.7 करोड़ यूनिट पार कर गई। रोजाना करीब 10 लाख यूनिट बिजली की मांग बढ़ रही है, जिसकी आपूर्ति न हो पाने के कारण रोजाना चार से पांच घंटे की कटौती हो रही है।

यूपीसीएल की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को बिजली की मांग 4.7 करोड़ यूनिट का आंकड़ा पार कर गई। राज्य पूल से 93 लाख, केंद्रीय पूल की 1.5 करोड़ यूनिट मिलाकर कुल 2.4 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध थी। बाकी यूपीसीएल को बाजार व अन्य स्त्रोतों से जुटानी पड़ी। बहुत कोशिश करने के बाद भी प्रदेश में 24 लाख यूनिट बिजली की किल्लत रही, जिस कारण यूपीसीएल को कटौती करनी पड़ी।

हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में करीब साढ़े तीन घंटे, ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में करीब दो घंटे, छोटे कस्बों लंढौरा, मंगलौर, लक्सर, बहादराबाद, ढकरानी, सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, कोटद्वार, ज्वालापुर, जसपुर, किच्छा, खटीमा, रामनगर, गदरपुर और बाजपुर में एक से दो घंटे की घोषित कटौती की गई। स्टील फर्नेश उद्योगों में यूपीसीएल ने 10 घंटे से ऊपर की कटौती की। फिलहाल मौसम के हिसाब से माना जा रहा है कि बिजली की मांग लगातार बढ़ेगी। उपलब्धता कम होने के चलते कटौती और बढ़ने की आशंका है।

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