बाबा नीब करौरी के दर्शन को ट्रेनों में लगी कतार, रानीखेत-बाघ एक्सप्रेस फुल

बाबा नीब करौरी पर आधारित फिल्म हनुमान अंश के रिलीज होने के बाद से कैंची धाम पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं का रैला लगने लगा है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ऑफ सीजन सितंबर में रेल यात्रियों की संख्या में प्रतिदिन 1000 से 1200 तक का इजाफा हुआ है। स्थिति यह है कि रोजाना एक ट्रेन में करीब 300 से 325 अतिरिक्त यात्री सफर कर रहे हैं। जैसलमेर, दिल्ली, हावड़ा, लखनऊ आदि शहरों से आने वाली ट्रेनें पैक हैं। 30 सितंबर तक स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी में सीटों की वेटिंग हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार हल्द्वानी-काठगोदाम पहुंचने वाले बाहरी राज्यों के यात्रियों की संख्या बढ़ी है। रानीखेत और बाघ एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की गाड़ियों में ऑफ सीजन में हो रही भीड़ कैंची धाम के प्रति आस्था को दर्शा रही है। दिल्ली से लौटने वाली गाड़ियों में अधिक भीड़ है।
राजस्थान-पश्चिम बंगाल से आने वाली रेलगाड़ियों में आज से 30 तक सीटें फुल
काठगोदाम से चलने वाली बाघ एक्सप्रेस और रानीखेत एक्सप्रेस में बृहस्पतिवार से 30 सितंबर तक अपडाउन में यात्रियों की मारामारी है। रेलवे की वेबसाइट के अनुसार हावड़ा से वापसी करने वाली बाघ एक्सप्रेस में स्लीपर, थर्ड और सेकेंड एसी में कोई सीट उपलब्ध नहीं है। 24 से क्रमश: 85, 83, 108, 68, 56, 41 और एसी में 10 से लेकर 66 सीटों की वेटिंग चल रही है। यहां से जाने में यही वेटिंग 10 से 42 तक पहुंच गई है। रानीखेत एक्सप्रेस का हाल इससे भी बुरा है। इसमें जाने वाली में छह से लेकर 131 सीटों की वेटिंग है। इस गाड़ी में जैसलमेर की अपेक्षा दिल्ली से हल्द्वानी तक सफर करने वालों की संख्या कहीं अधिक है। सेकेंड और थर्ड एसी भी रेलगाड़ी में पैक हो गए हैं। 27 सितंबर के बाद शताब्दी और संपर्क क्रांति की चेयर कार में ही टिकट उपलब्ध होंगे, इसके एसी कोच में अगले सात दिन की वेटिंग है।
26 और 27 को वेटिंग का भी नहीं मिलेगा टिकट
बाघ एक्सप्रेस में 26 सितंबर को यहां आने के लिए वेटिंग में भी सीट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों की भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 26 और 27 सितंबर को यहां से जाने वाली संपर्क क्रांति में वेटिंग का भी टिकट उपलब्ध नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.