मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा की है, उसमें पहली बार शीर्ष-10 में रसोई गैस सिलिंडर न भरने की शिकायतें आईं हैं। यह आंकड़ा 69.3 प्रतिशत पर रिकॉर्ड हुआ है। वहीं, शिकायतों का समाधान करने में रुद्रप्रयाग जिला सबसे आगे है जबकि मैदानी जिले फिसड्डी हैं।
रुद्रप्रयाग सबसे आगे, ऊधम सिंह नगर सबसे नीचे
जिलावार सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों के निपटारे का प्रतिशत देखें तो रुद्रप्रयाग 36.71 प्रतिशत सफल निस्तारण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद 36.22 प्रतिशत के साथ टिहरी गढ़वाल दूसरे और 35.76 प्रतिशत के साथ पौड़ी गढ़वाल तीसरे स्थान पर है। देहरादून में निस्तारण का प्रतिशत 32.28 प्रतिशत रहा। वहीं, सूची में सबसे निचले पायदान पर 21.80 प्रतिशत के साथ नैनीताल और 21.08 प्रतिशत के साथ ऊधम सिंह नगर रहे।
शिकायतें बढ़ीं, निपटारे का समय घटा
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में इस बार कुल शिकायतों की संख्या बढ़ी है (2024-25 में 1,68,511 के मुकाबले 2025-26 में बढ़कर 2,23,001 हुईं)। इसके बावजूद, प्रमुख विभागों में शिकायतों के निस्तारण का औसत समय काफी कम हुआ है। उदाहरण के तौर पर राजस्व विभाग में जो मामले पहले औसतन 90 दिनों में निपटते थे, वे अब 54 दिनों में हल हो रहे हैं।
शीर्ष-10 शिकायतों वाले विभाग
| शिकायत | विभाग | प्रतिशत |
| रसोई गैस रिफिलिंग | खाद्य आपूर्ति | 70.7 |
| बिजली कटौती | यूपीसीएल | 53 |
| जांच की मांग | राजस्व विभाग | 52.2 |
| पानी न आना | जल संस्थान | 50.3 |
| मीटर बदलाव | यूपीसीएल | 44.3 |
| पानी न आना | पेयजल निगम | 42.1 |
| शिकायती पत्र | गृह विभाग | 40 |
| क्षेत्र समस्याएं | लोक निर्माण | 37.3 |
| अत्यधिक बिल | यूपीसीएल | 37.3 |
| अवैध सेवा समाप्ति | श्रम विभाग | 37 |