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प्रदेशभर में 1 अक्टूबर से शुरू होगी मिलेट्स की खरीद- डाॅ. धन सिंह रावत

सूबे के पर्वतीय क्षेत्रों में पारम्परिक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर मिलेट्स की खरीद करेगा। मिलेट्स मिशन योजना के तहत यूसीएफ इस फसली वर्ष 250 क्रय केंद्रों के माध्यम से मंडुवा, झंगोरा, तिलहन, चैलाई व दालें, सहित अन्य पहाड़ी उपजों की खरीद सीधे किसानों से करेगा।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पारंपरिक व मोटे अनाज की खेती छोड़ दी थी वह फिर से पारम्परिक खेती करने लगे हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक स्टेट बनाना है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों जैविक खेती होने का फायदा किसानों को मिल रहा है क्योंकि उनके उत्पादों को अब सीधे बाजार मिल रहा है और भविष्य में जैविक उत्पादों की मंाग और बढ़ेगी।

विभागीय मंत्री ने बताया कि इस फसली वर्ष यूसीएफ के माध्यम से किसानों से मिलेट्स की खरीद की जायेगी। 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली मिलेट्स खरीदी प्रक्रिया के लिये यूसीएफ ने सभी तैयारी पूरी कर ली है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले इसके लिये इस वर्ष मंडूवा 52.05 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदा जायेगा जबकि विगत वर्ष यह 48.86 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया था।

सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने बताया कि प्रदेश में मिलेट्स खरीद और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जिसमें खरीद केंद्रों और निर्धारित खरीद मूल्य की जानकारी किसानों तक पहुंचाने को कहा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के साथ ही खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से करने को कहा।

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक आनंद शुक्ल ने बताया कि मिलेट्स मिशन योजना के तहत इस फसली वर्ष मिलेट्स की खरीद को भी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि किसानों से उनकी उपज खरीदने के लिये प्रदेशभर में 250 क्रय केंद्र खोले गये हैं, जबकि विगत वर्ष 214 केंद्रों के माध्यम से खरीद की गई थी, इस लिहाज से इस वर्ष 36 अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूसीएफ हाट के माध्यम से भी किसानों के उत्पादों की खरीद और विपणन को बढ़ावा दिया जाएगा।

मंडुवा की खरीद निर्धारित ₹52.05 प्रति किलो की दर पर की जाएगी, जबकि सोयाबीन, दाल, झंगोरा, चैलाई तथा अन्य सूखे अनाज एवं पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों से खरीदे गये उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बेहतर विपणन किया जाएगा, जिससे उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।

पिछले वर्ष 11,153 किसानों से खरीदा गया 53,860.652 कुंतल मंडुवा

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूसीएफ ने प्रदेश में 214 क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 53,860.652 कुंतल मंडुवा की खरीद की थी। यह खरीद प्रदेश के 11,153 किसानों से की गई। पिछले वर्ष चमोली जनपद में सर्वाधिक मंडवे की खरीद की गई जबकि सर्वाधिक किसानों ने टिहरी में अपने उत्पादों का विक्रय किया। वहीं कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जनपद में सबसे अधिक मंडुवा खरीदने में अव्वल रहा।

किसानों से ₹52.05 प्रति किलो की दर पर खरीदा जायेगा मंडुवा

उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ), जो सहकारिता विभाग की शीर्ष सहकारी संस्था है, जिसके माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों में किसानों से सीधे मिलेट्स की खरीद की जाएगी। इस वर्ष मंडुवा का खरीद मूल्य ₹52.05 प्रति किलो निर्धारित किया गया है। वहीं अन्य पहाड़ी उत्पादों की खरीद बाजार मूल्य के आधार पर यूसीएफ हाट के माध्यम से की जाएगी।

सरकार द्वारा लगातार मंडवे के खरीद मूल्य में वृद्धि की जा रही है। पिछले वर्ष मंडुवा की खरीद ₹48.86 प्रति किलो की दर से की गई थी। इससे पहले मंडुवा ₹18 प्रति किलो की दर पर खरीदा गया, जबकि इस वर्ष खरीद दर बढ़ाकर ₹52.05 प्रति किलो कर दी गई है। प्रत्येक क्विंटल की खरीद पर संबंधित सहकारी समिति को ₹200 की आय प्राप्त होगी, जिससे समितियों की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

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