औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की नई नीतियों को लागू किया। चार साल में 20 हजार से नये एमएसएमई उद्योग लगने से एक लाख लोगों को रोजगार मिला।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 2024-25 में बढ़कर 79394 हो गई है, जो 2021-22 में 59798 थी। एमएसएमई के तहत रोजगार पाने वालों की संख्या 2025 में बढ़कर 456605 हो गई है, जो 2022 में 343922 थी।
राज्य में बड़े उद्योगों की संख्या 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई है। स्टार्टअप की संख्या भी 2024-25 में बढ़कर 1750 हो गई है, जो 2017 में शून्य थी। उत्तराखंड को स्टार्टअप लीडर और निर्यात तैयारी में पहला स्थान मिला है।
1.10 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतारा
दिसंबर 2023 में हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन के लिए अब तक सरकार 1.10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतार चुकी है। निवेशक सम्मेलन में 3.57 करोड़ के 1779 प्रस्तावों पर एमओयू किए गए थे। इस निवेश से राज्य में 91,327 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एमओयू के आधार पर राज्य में अब तक एक लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग हो चुकी है। अब तक ऊर्जा क्षेत्र में सबसे अधिक 40 हजार करोड़ निवेश की ग्राउंडिंग हुई है। इसके बाद विनिर्माण व रियल एस्टेट क्षेत्र में उद्यमियों ने निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई है।